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एनआरसी पूरे देश में लागू होगा

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एनआरसी का मुद्दा कांग्रेस के सरकार के समय से ही चर्चा में रहा। लेकिन उस समय सरकार ने इस पर काम नहीं किया। अब मोदी सरकार ने इसे पूरे देश में लागू करने की बात कही है।असम में अभ्यास की तर्ज पर एक नागरिक की सूची या नागरिकों के लिए राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी) देश भर में लागू किया जाने वाला है। गृह मंत्री अमित शाह ने आज संसद में घोषणा की है की किसी भी धर्म के किसी नागरिक को चिंतित होने की जरुरत नहीं। राज्यसभा में उन्होंने  बोलते हुए कहा की एनआरसी बस एक प्रक्रिया है जो सभी को नागरिक सूची के तहत मिलती है। आगे उन्होंने कहा असम की कवायद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत की गई थी।

 

अब उसी के अनुरूप पूरे देश में एनआरसी चलाया जाने वाला है।किसी भी धर्म के किसी भी व्यक्ति को चिंतित नहीं होना चाहिए।अगस्त में निकाली गई असम की नागरिक सूची में 19 लाख लोगों का सूचि में नाम नहीं था। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से ज्यादातर ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपने दावों को साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेजों का उत्पादन नहीं किया था।

 

सरकार का कहना है कि उन्हें एक दम अवैध घोषित नहीं किया जाएगा। उन लोगो के पास विदेशियों के न्यायाधिकरण को अपील करने और बाद में अदालतों से संपर्क करने का विकल्प है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जिन लोगों के नाम एनआरसी से गायब है, वे अधिकरणों के पास जा सकते हैं और उन्हें असम सरकार वित्तीय सहायता भी प्रदान करेगी।

 

इससे पहले अमित शाह ने कोलकाता में एक रैली में कहा था कि एनआरसी राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है और कोई भी देश इतने घुसपैठियों के वजन के तहत आसानी से नहीं चल सकता है। ममता बनर्जी पर लाखो हिन्दुओ को बंगाल छोड़ने के बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए अमित शाह ने जोर देकर कहा: "मैं आज हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध और ईसाई शरणार्थियों को आश्वस्त करना चाहता हूं, आपको सरकार द्वारा भारत छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।आप अफवाहों पर विश्वास न करें। NRC से पहले, हम नागरिकता संशोधन विधेयक लाएंगे, जो इन लोगों को भारतीय नागरिकता सुनिश्चित करेगा।इस मुद्दे को आलोचकों द्वारा विभाजनकारी देखा गया और विपक्षी दलों ने सरकार पर ऐसे बयानों के साथ मुसलमानों को डराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

 

ममता बनर्जी का कहना है की वो बंगाल में एनआरसी को लागू नहीं होने देगी। आपको बता दे की इससे पहले ममता बनर्जी घुसपैठियों का विरोध करती थी। लेकिन अब वह एनआरसी के विरोध में है। 


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