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सदन में राहुल गांधी ने टॉप-50 कर्ज़खोरों के नाम पूछे, सरकार ने क्या कहा?

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राहुल गांधी ने सोमवार को संसद में कुछ सवाल किए। सवाल देश के अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ था, फाइनेंशियल सेहत से जुड़ा था। लेकिन इसका जवाब फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने नहीं दिया, जबकि उनके डिप्टी ने दिया। 


सोमवार को संसद में राहुल गांधी ने सरकार से विलफुल डिफॉल्टर्स को लेकर सवाल पूछा।उन्होंने कहा कि सरकार उन लोगों के नाम बताए, जो देश के बैंकों से कर्ज़ लेकर अब लौटा नहीं रहे हैं। जिसकी वजह से देश की आर्थिक सेहत भी बिगड़ रही है। राहुल ने कहा कि देश के जो टॉप-50 विलफुल डिफॉल्टर हैं, उनके नाम सरकार सबको बताए। इसके साथ ही राहुल गांधी ने सरकार से ये भी पूछा कि वो देश में लगातार बढ़ रहे बैंक फ्रॉड को रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं?


लेकिन कि सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही इस बात की चर्चा होने लगी थी कि राहुल सदन में विलफुल डिफॉल्टर्स का मुद्दा उठा सकते हैं। बात ऐसी है की राहुल जब सुबह अपनी गाड़ी में बैठकर संसद जा रहे थे, तभी उनके हाथ में एक पर्चा था जिस पर्चे में इन सवालों का ज़िक्र किया गया था और पर्चा मीडिया की नज़र से बच नई पाया। 


अनुराग ठाकुर ने निर्मला सीतारमण की जगह जवाब दिया 


संसद में राहुल गांधी की बातों का जवाब वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने नहीं दिया। इनका जवाब वित्त और कॉर्पोरेट अफेयर राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने दिया। अनुराग ठाकुर ने संसद में जवाब में भगोड़ा आर्थिक अपराधी बिल का ज़िक्र किया।उन्होंने कहा कि ये बिल सरकार द्वारा इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए ही लाई है। 


वो यही नहीं रुके उन्होंने ये भी कहा कि सभी विलफुल डिफॉल्टर्स की लिस्ट ऑनलाइन अपडेट की जा चुकी है। आप CIC की वेबसाइट पर लिस्ट देख सकते है। उन्होंने कहा कि इस बात पर जवाब तो कांग्रेस को ही देना चाहिए, क्योंकि जो लोग भी लोन लेकर भागे, उनमें से ज्यादातर मामले तो कांग्रेस के सत्ता में रहने के वक्त के ही हैं। 


क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी बिल?


अनुराग ठाकुर ने संसद में जिस बिल का जिक्र किया वो है भगोड़ा आर्थ‍िक अपराधी बिल जो 2018 में लाया गया था। ये बिल सरकार को ये अधिकार देता है कि वह उन लोगों की प्रॉपर्टी ज़ब्त कर सकती है, जो किसी तरह का बैंक फ्रॉड करके विदेश भाग गए हैं। इनमें नीरव मोदी, मेहुल चौकसी जैसे लोन डिफॉल्टर्स भी शामिल हैं। इस बिल के तहत वो ही मामले उठाए जाने का प्रावधान है, जो 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के हों। 


राहुल गांधी बोले- सेकंडरी सवाल तक नहीं करने दिया


सदन से निकलने के बाद राहुल गांधी ने बयान दिया की मैंने सरकार से एक सीधा, सरल-सा सवाल पूछा था। लेकिन मुझे अपने सवालों का ठीक से जवाब नहीं मिला। इससे ज्यादा निराश मैं इस बात से हुआ कि स्पीकर ने मुझे दूसरा सवाल तक करने का मौका नहीं दिया। 


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