राजस्थान प्रदेश में कोरोना सकारात्मक चौथे मरीज के सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा था कि सभी मरीज विदेश से आए हैं। सभी दिल्ली एयरपोर्ट होकर आए हैं। अगर केंद्र सजग होता तो कोरोना वायरस जयपुर तक नहीं पहुंचता। बता दें कि देश में कोरोना वायरस के अब तक 108 मामले सामने आ चुके हैं।
आपको बता दे की राजस्थान में सबसे पहले दो इटालियन दंपत्ति कोरोनावायरस से सकारात्मक थे।इतना ही नहीं उसके बाद एक दुबई से आया हुआ व्यक्ति कोरोनावायरस पीड़ित निकला था। और इसके बाद अब चौथा व्यक्ति 26 साल का है जो स्पेन से दिल्ली एयरपोर्ट पर आया था और वहां से जयपुर एयरपोर्ट पर आने के बाद जब स्क्रीनिंग की गई तो कोरोनावायरस से संक्रमित निकला।
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हम हर तरह के उपाय कर रहे हैं। और इसके लिए कोई दवा भी नहीं है लेकिन हमनें स्वाइन फ्लू और डेंगू की दवाओं के साथ एचआईवी के दो ड्रग्स भी वायरस से संक्रमित मरीजों को दिए हैं। यह एक अनुमान है लेकिन हमें ठीक से पता नहीं है कि इसकी दवा क्या हो सकती है, इसलिए लोग सावधानी बरतें।
मंत्री ने आगे कहा की हमने सारे इंतज़ाम कर रखे है। सरे मॉल्स, थिएटर्स और विद्यालय-कॉलेज बंद कर दिए है। इसके अलावा सभी मेडिकल स्टाफ अलर्ट पर है। इतना ही नहीं ये भी सुनिश्चित किया गया है की किसी भी तरह से मार्किट में सैनिटाइजर जैसे जरूरी वस्तुओं की कमी नहीं हो।
कोरोना से डरने की जरुरत नहीं है बल्कि सावधानियां बरतने की जरुरत है। शर्मा जी ने आगे बताया कि ईरान से आए 236 लोगों को जैसलमेर के आर्मी एरिया में रखा गया है। आर्मी और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन मिलकर पूरा इंतजाम देख रहा है, जो लोग जैसलमेर में कोरोना संदिग्ध मरीजों को रखने का विरोध कर रहे हैं, उनसे यह कहना चाहेंगे कि वह अपने ही देश के लोग हैं और ऐसे समय में सबको सहयोग करने की जरुरत है।