Type Here to Get Search Results !

भाजपा की आलोचना के बाद, शिवसेना नेता अज़ान प्रतियोगिता आयोजित करने से पीछे हटे

0

 
भाजपा की आलोचना के बाद अज़ान प्रतियोगिता आयोजित करने पर शिवसेना के नेता पांडुरंग सकपाल पीछे हट गए चुके है। आपको बता  दे की शिवसेना के एक नेता ने अजान पर अपनी टिप्पणी के साथ एक ताजा विवाद खड़ा कर दिया है। 
 
पांडुरंग सकपाल के रूप में पहचाने जाने वाले उन नेता ने कहा था कि उन्होंने अजान को सुखदायक पाया है , जिसके बाद उन्हें भाजपा से तीखी प्रतिक्रिया मिली और बीजेपी ने शिवसेना पार्टी पर हिंदुत्व के मुद्दे को छोड़ने और तुष्टिकरण की राजनीति में लिप्त होने का आरोप लगाया। सकपाल का वीडियो भाजपा विधायक अतुल भटकालकर ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था।
 
उन्होंने कहा की अज़ान में बहुत मिठास है जो की मैं हर दिन सुनता हूं क्योंकि मैं एक मस्जिद के करीब रहता हूं। इसलिए, मुझे मुस्लिम समुदाय के बच्चों के लिए अज़ान प्रतियोगिता आयोजित करने का विचार आया। उनकी ये बात की वीडियो इंटरनेट पर व्यापक रूप से प्रसारित किया गया।सकपाल ने मुंबादेवी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, जिसमें मुस्लिम बहुल क्षेत्र शामिल हैं।  
 
भाजपा के विरोध के बाद, सकपाल को बाद में प्रतियोगिता की घोषणा करने से पीछे हटना पड़ा।उन्होंने बाद में कहा की 'फाउंडेशन फॉर यू' नामक एक संगठन के कुछ स्वयंसेवकों ने अजान प्रतियोगिता आयोजित करने के संबंध में मुझसे संपर्क किया था। मैंने केवल उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। मैंने ऐसी कोई प्रतियोगिता आयोजित नहीं की है।
 
भाजपा ने पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी पर तीखा हमला किया और सत्ता में बने रहने के लिए अपना रुख बदलने का आरोप लगाया। सेना, राकांपा और कांग्रेस महा विकास अगाड़ी (एमवीए) सरकारके घटक हैं।
 
अतुल भातखलकर ने कहा कि शिवसेना ने हमेशा अतीत में सड़कों पर नमाज रखने का विरोध किया था। उन्होंने कहा की शिवसेना चुनाव प्रचार में हमेशा कहती थी की कांग्रेस को वोट देना आतंक(अजमल कसाब) को वोट देने के बराबर है।

Post a Comment

0 Comments

Top Post Ad

Below Post Ad